कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आए तो भड़के किसान, कलेक्ट्रेट की दीवार पर चस्पा किया ज्ञापन

सूखाग्रस्त गांव घोषित करने, बिजली कटौती रोकने और देवास मॉडल लागू करने की मांगखैरागढ़। किसानों की समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को जिला किसान संघ केसीजी ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसान उस समय नाराज हो गए, जब कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे। इसके बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर दिया और अपना ज्ञापन कार्यालय की दीवार पर ही चस्पा कर दिया। इस दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन से अल्प वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत देने की मांग की। किसान नेता सुदेश टीकम और चंदू साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि जिले के कई इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसल प्रभावित हुई है। ऐसे में प्रभावित गांवों को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत एवं अन्य आवश्यक प्रावधानों का लाभ दिया जाना चाहिए।

जिला किसान संघ के सुदेश टीकम और चंदू साहू ने बताया कि जिले के चंदैनी, डूडा, दुल्लापुर, बोरी, सण्डी, रगरा, केशला, खपरी सिरदार और बरगड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में अल्प वर्षा के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने इन क्षेत्रों में स्थिति का सर्वे कराकर आवश्यक राहत प्रदान करने की मांग की है। किसानों ने सिंचाई के दौरान बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि फसल को पानी की आवश्यकता के समय बिजली उपलब्ध नहीं होने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। संघ ने किसान हित में बिजली कटौती तत्काल बंद करने की मांग की।

किसान संघ ने कहा कि अल्प वर्षा और सूखे की समस्या से किसानों को बार-बार जूझना पड़ता है। इसके लिए केवल तत्काल राहत पर्याप्त नहीं है बल्कि जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करते हुए स्थायी एवं टिकाऊ समाधान तैयार किया जाना चाहिए। संघ ने मध्यप्रदेश के देवास मॉडल को क्षेत्र में लागू करने की मांग की ताकि वर्षा जल का संरक्षण कर खेती को सूखे के प्रभाव से बचाया जा सके।

किसानों ने धान के समर्थन मूल्य एवं बकाया अंतर राशि का मुद्दा भी उठाया। किसान संघ ने वर्ष 2026-27 में धान की खरीदी ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से किए जाने की मांग की वहीं वर्ष 2024-25 में बेचे गए धान की ₹117 प्रति क्विंटल तथा वर्ष 2025-26 की ₹69 प्रति क्विंटल अंतर राशि का भुगतान करने की मांग रखी। इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त का तत्काल भुगतान करने की मांग भी किसानों ने की।

किसान संघ ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से अल्प वर्षा प्रभावित गांवों को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत देने, किसान हित में बिजली कटौती तत्काल बंद करने तथा सूखे से निपटने के लिए स्थायी समाधान के रूप में देवास मॉडल लागू करने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सुदेश टीकम, चंदू साहू, जगन्नाथ वर्मा, भीमा वर्मा, पंचराम, डोमार सिंह, झल्लू वर्मा, गणेश राम, रमाकांत, निरंता सिन्हा, साधु राम धुर्वे, उमेश, जगमोहन, नारायण वर्मा, अजय साहू, केशलाल मंडावी, रवि पटेल, दिनेश साहू, अवध पटेल, विष्णु ठाकरे, शेर सिंह मंडावी, अमर लाल पटेल, गोवर्धन मंडावी, संतराम मरकाम और चन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

Exit mobile version