
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राज्य सरकार ने खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से ऑयल पाम खेती को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर अनुदान के साथ अतिरिक्त टॉप अप सहायता दी जाएगी। उद्यानिकी विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में प्रति हेक्टेयर 1.30 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 69,620 रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता भी मिलेगी जो रख रखाव अंतरवर्ती फसल ड्रिप सिंचाई और फेंसिंग के लिए होगी। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन फसल है जिसमें चौथे वर्ष से उत्पादन शुरू होकर लगभग 30 वर्षों तक आय प्राप्त होती है। इसकी तेल उत्पादन क्षमता पारंपरिक तिलहनी फसलों की तुलना में अधिक है। जिले के 75 किसानों को महासमुंद जिले के ग्राम बलेशर स्थित ऑयल पाम प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले की जलवायु ऑयल पाम खेती के लिए अनुकूल बताई गई है। अनुदान का लाभ लेने के इच्छुक किसान जिला या विकासखंड स्तर के उद्यानिकी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।