इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। एशिया के पहले संगीत विश्वविद्यालय के रूप में प्रसिद्ध इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारियों और कर्मचारी कल्याण संघ के संयुक्त आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारी अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न दुर्व्यवहार पक्षपात और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाना नहीं है बल्कि संविधान कानून और शैक्षणिक मूल्यों के अनुरूप विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि प्रभारी कुलसचिव डॉ.सौमित्र तिवारी और सहायक कुलसचिव राजेश गुप्ता कर्मचारियों के साथ लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। संघ का दावा है कि कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाना धमकीपूर्ण भाषा का प्रयोग और गाली गलौज आम हो गई है। इसके अलावा निजी स्तर पर भय का वातावरण बनाना अब सामान्य स्थिति बन चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार विश्वविद्यालय के अनुशासित सौहार्दपूर्ण और शैक्षणिक वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि कर्मचारियों पर नियम और पद विवरण के अनुरूप नहीं असंगत कार्यभार लगाया जा रहा है जो श्रम कानूनों और प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है। कई मामलों में फाइलों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य बाधित होते हैं बल्कि विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य भी ठप पड़ जाते हैं।

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि किस प्रकार एक सहायक प्राध्यापक को कुलसचिव पद का दायित्व दिया गया जबकि उनके पास विधिक प्रक्रिया और आवश्यक प्रशासनिक अनुभव की कमी है। संघ का आरोप है कि प्रभारी कुलसचिव स्वयं को रजिस्ट्रार कुलसचिव कहलाने का दबाव भी बना रहे हैं जो विधिक और प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में गलत वरिष्ठता सूची जारी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति सुनिश्चित करना दस वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ एकल पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति चैनल का निर्माण सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन और पुरानी पेंशन योजना का लाभ शामिल है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त एवं दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को भी समान लाभ देने की मांग उठाई गई है।

कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय के आंतरिक बिल और देयक संबंधित सूचनाओं के सामान्य जन तक पहुंचने पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि अधूरी और भ्रामक जानकारियों के आधार पर विश्वविद्यालय के खिलाफ जनप्रतिनिधियों को उकसाया जा रहा है जिससे संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच रहा है। संघ ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत कदम उठाने की मांग की है।

इस बार कर्मचारी कैंपस-2 के प्रांगण में कुलपति के शासकीय वाहन के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने कुलपति प्रो. लवली शर्मा के साथ साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन सौंपा। प्रभारी कुलसचिव डॉ.सौमित्र तिवारी ने धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की बात सुनी और समयमान वेतनमान पदोन्नति और वरिष्ठता जैसे मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन दिया लेकिन मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों को निराधार बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी शैक्षणिक माहौल और संस्थान की प्रतिष्ठा के लिए गंभीर चुनौती है। गौरतलब है कि पूर्व कुलपति ममता चंद्राकर के कार्यकाल से लेकर वर्तमान कुलपति प्रो.लवली शर्मा के कार्यभार संभालने तक विवादों का सिलसिला लगातार जारी रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन किस तरह संवाद और निष्पक्ष कार्रवाई के जरिए इस गतिरोध को सुलझाता है।

Exit mobile version