हुनरमंद बने राजमिस्त्री, अब स्वरोजगार की राह

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। हाथों के हुनर को स्थायी रोजगार का जरिया बनाने की दिशा में SBI RSETI खैरागढ़ में राजमिस्त्री प्रशिक्षण का पहला बैच पूरा हुआ। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को उनके कौशल के बेहतर उपयोग और स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिभागियों ने राजमिस्त्री कार्य से संबंधित सैद्धांतिक जानकारी के साथ निर्माण कार्य की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में अग्रणी जिला प्रबंधक एवं प्रभारी निदेशक सी. एस. ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन बिहान उमेश तिवारी, मूल्यांकनकर्ता हेमराज ठाकुर, कौशल मूल्यांकनकर्ता पाल सिंह राजपूत, प्रशिक्षक अभिषेक तिवारी तथा कार्यालय सहायक संतोष कुमार उपस्थित रहे। सी. एस. ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कौशल को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। उन्होंने प्रशिक्षण में मिली दक्षता को काम के रूप में विकसित करने के साथ बैंक की ऋण योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए तकनीकी और व्यावहारिक समझ मिली है। उन्होंने आगे इसी कौशल के आधार पर रोजगार प्राप्त करने अथवा स्वयं का काम शुरू करने की इच्छा जताई। समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

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