
भाजपा पर साधा निशाना, कांग्रेस नेताओं ने जताया विरोध
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सत्याग्रह स्थल को गंगाजल से धोए जाने के विरोध में खैरागढ़ में कांग्रेस ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया है। जिला कांग्रेस कमेटी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के संयुक्त आयोजन में कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर घटना के प्रति नाराजगी जताई और इसे सामाजिक समरसता व लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। रैली की शुरुआत जय स्तंभ चौक से हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे और अंबेडकर चौक होते हुए बस स्टैंड पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां थीं। बस स्टैंड में आयोजित सत्याग्रह को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल दास साहू ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक विचारधारा सामाजिक समानता भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में सत्याग्रह स्थल को गंगाजल से धोने की घटना समाज में भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाती है। साहू ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जुड़ा नहीं है बल्कि सामाजिक सम्मान और बराबरी के सवाल से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की गंगा-जमुनी संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान सामाजिक न्याय और आपसी सद्भाव की रक्षा के लिए पार्टी लगातार जनहित की आवाज उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान हल्द्वानी की घटना की निंदा करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिरमौर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजराम वर्मा, जिला महामंत्री आकाश दीप सिंह गोल्डी, जिला महामंत्री सज्जाक खान, सुशीलकांत पांडे, जिला महामंत्री भीखम चंद छाजेड़, जिला सचिव रिंकू गुप्ता, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुलशन तिवारी, नदीम मेमन, विप्लव साहू, यतेंद्र सिंह छोटू, सुरेंद्र सिंह, राजा सोलंकी, रतन सिंगी, कोमल वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि देश की एकता अखंडता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।