सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट से विश्वविद्यालय की छवि प्रभावित होने की चिंता

खैरागढ़। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक एवं तथ्यहीन सामग्री को लेकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने आपत्ति जताई है। संघ ने सोमवार 26 अक्टूबर को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा विश्वविद्यालय के अधिकृत मोनो (प्रतीक चिह्न) और भवन का कथित तौर पर बिना अनुमति उपयोग कर सोशल मीडिया पर सामग्री प्रसारित की जा रही है। संघ का कहना है कि इससे विश्वविद्यालय प्रशासन की छवि और संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका है। शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की वास्तविकता की जांच कराने का आग्रह किया है। शिक्षक संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय संगीत, नृत्य एवं ललित कलाओं का प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र है। इसकी गरिमा और पहचान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। यदि किसी व्यक्ति को विश्वविद्यालय प्रशासन या किसी व्यवस्था से संबंधित शिकायत है तो उसे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उचित माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। संघ ने सोशल मीडिया पर संस्थान के प्रतीक चिह्न और भवन के कथित अनधिकृत उपयोग को गंभीर विषय बताते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में 24 अक्टूबर को शिक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री पर चर्चा के बाद जिला प्रशासन और कुलसचिव को लिखित शिकायत देने का निर्णय लिया गया। बैठक में संघ अध्यक्ष डॉ.मंगलानंद झा, सचिव डॉ.छगेन्द्र उसेंडी, डॉ.वी.आर. गुडे, डॉ.देवमाइत मिंज, डॉ.रवि नारायण गुप्ता, डॉ.पूर्णिमा केलकर, डॉ.शिवानी सिंह बैस, डॉ.दीपशिखा पटेल, डॉ.मेदिनी होम्बल और डॉ.लिकेश्वर वर्मा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक ग्रेडिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान पहले ए ग्रेड की श्रेणी में था लेकिन बाद में इसकी ग्रेडिंग गिरकर सी ग्रेड तक पहुंच गई थी। संघ के अनुसार वर्तमान में कुलपति डॉ.लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय को पुनः बेहतर शैक्षणिक स्थिति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक सामग्री से संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होने की चिंता है। संघ ने विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और शैक्षणिक सुधार के प्रयासों के मद्देनजर मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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