सामुदायिक भवन निर्माण में अनियमितता, पूर्व सरपंच से 2.74 लाख की वसूली के आदेश

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। ग्राम पंचायत पांडादाह में विधायक निधि से निर्मित सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्कालीन सरपंच श्रीमती मनोरमा यदु के खिलाफ वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनपद पंचायत खैरागढ़ की जांच रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-92 के तहत नोटिस जारी कर 2 लाख 74 हजार 70 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार सामुदायिक भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं व्यय की जांच के दौरान संबंधित पूर्व सरपंच ने भवन का पुनर्मूल्यांकन कराने का आग्रह किया था। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खैरागढ़ को निर्माण कार्य का तकनीकी मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए गए। मूल्यांकन रिपोर्ट में निर्माण कार्य की वास्तविक लागत केवल 1 लाख 25 हजार 930 रुपये आंकी गई। जांच में शेष 2 लाख 74 हजार 70 रुपये का कार्य नहीं पाए जाने पर उक्त राशि को शासन की देय राशि मानते हुए उसकी वसूली का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने श्रीमती मनोरमा यदु को 15 जुलाई 2026 तक पूरी राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर पंचायत राज अधिनियम की धारा-92(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी जिसमें अधिकतम 30 दिनों तक सिविल जेल भेजने का प्रावधान भी शामिल है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि खैरागढ़ अनुभाग की अन्य ग्राम पंचायतों में भी यदि किसी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध शासकीय राशि बकाया होने संबंधी प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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