संतान की सुख-समृद्धि के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत, जिले भर में दिखा उत्साह

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना को लेकर खैरागढ़ सहित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में खासा उत्साह रहा। माताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना की। जिला मुख्यालय खैरागढ़ के साथ ही छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा, जालबांधा, बाजार अतरिया, मुढ़ीपार, ठेलकाडीह, उदयपुर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हलषष्ठी को लेकर धार्मिक माहौल रहा। महिलाओं ने घर-आंगन एवं निर्धारित पूजन स्थलों पर परंपरानुसार सगरी तैयार की। इसके बाद समूह में एकत्र होकर पूजा-अर्चना की और हलषष्ठी की कथा व पारंपरिक विधियों का पालन किया।

हलषष्ठी का पावन पर्व की परंपराएं कृषि और प्रकृति से भी जुड़ी हुई हैं। इस दिन हल से जुती भूमि में पैदा होने वाले अनाज के सेवन से परहेज किया जाता है। व्रत के दौरान तथा पूजन के बाद पसहर चावल, भैंस के दूध से बने पदार्थ और बिना हल के उगने वाली हरी साग-भाजी का सेवन करने की परंपरा है।

ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। पर्व के माध्यम से जहां माताओं की संतान के प्रति ममता और मंगलकामना का भाव सामने आया, वहीं पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराएं भी जीवंत नजर आईं। पूरे जिले में दिनभर आस्था और उल्लास का वातावरण बना रहा।

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