बाजार अतरिया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस 20 मार्च के अवसर पर बाजार अतरिया में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं नागरिकों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर वीरांगना के अद्वितीय साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना अवंती बाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को याद किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन और संघर्ष की गाथा को विस्तार से प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि 20 मार्च 1858 का वह ऐतिहासिक दिन भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा जब अवंती बाई लोधी ने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ अंतिम सांस तक संघर्ष करते हुए वीरगति प्राप्त की। उन्होंने न केवल युद्ध के मैदान में शौर्य का परिचय दिया बल्कि अपने आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम को सर्वोपरि रखा। सभा में वक्ताओं ने आगे कहा कि अवंती बाई लोधी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि जब बात देश की रक्षा की हो तो नारी शक्ति भी किसी से कम नहीं होती। उनका त्याग और बलिदान हमें देशभक्ति, साहस और स्वाभिमान का पाठ पढ़ाता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे वीरांगना अवंती बाई के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे साथ ही युवाओं से अपील की गई कि वे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। अंत में सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल वीरांगना के बलिदान को स्मरण कराया बल्कि समाज में देशभक्ति और एकता की भावना को भी और अधिक मजबूत किया। इस अवसर पर हरप्रसाद वर्मा, संतराम वर्मा, नैनदास वर्मा, चिंता, अमरेंद्र, परगनिया, दया राम, होरी, राकेश, केशलाल, पूर्णचंद्र गुप्ता सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में “वीरांगना अवंती बाई लोधी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
