विचाराधीन बंदियों को विधिक अधिकारों और नि:शुल्क सहायता की जानकारी

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के निर्देशानुसार 1 सितंबर 2026 को उप जेल खैरागढ़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर ने विचाराधीन बंदियों को प्ली बारगेनिंग के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित श्रेणी के अपराधों में आरोपी कानून के तहत प्ली बारगेनिंग का लाभ ले सकता है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो ने एनडीपीएस एक्ट तथा नि:शुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो विचाराधीन बंदी अपने खर्च पर अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं हैं वे जेल अधीक्षक के माध्यम से तालुक विधिक सेवा समिति को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्र बंदियों को उनके प्रकरण की पैरवी के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बंदियों के अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं माना जाता। प्रत्येक आरोपी को अपने बचाव का अवसर मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है। पीएलवी गोलूदास साहू ने 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान मोहनी कंवर ने विचाराधीन बंदियों का हालचाल एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने बंदी बैरक वीसी कक्ष एवं पाकशाला का निरीक्षण किया। शिविर में जेल अधीक्षक योगेश कुमार बंजारे, पीएलवी गोलूदास साहू, सिपाही प्रेम सागर साहू, जसवंत कुमार नायक सहित विचाराधीन बंदी उपस्थित रहे।

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