मुख्य मार्ग से मुर्गा मछली की दुकानें हटाने ग्रामीणों ने की मांग

सत्यमेव न्यूज जालबांधा। ग्राम पंचायत जालबांधा में आम बाजार और मेन रोड पर संचालित मुर्गा मछली की दुकानों को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आवास पारा सतनामी मोहल्ला सहित अन्य समाज के लोग जहां निवास करते हैं उसके ठीक सामने तालाब के सूखे क्षेत्र और सड़क किनारे आम बाजार के दिन बाहर से आने वाले व्यापारी दुकानें लगाते हैं। बाजार समाप्त होने के बाद वहां भारी मात्रा में गंदगी मांस अवशेष और कचरा छोड़ दिया जाता है जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में यह स्थिति और विकराल हो जाती है तथा गंदगी घरों तक पहुंच जाती है जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि जालबांधा बाजार की नीलामी लाखों रुपए में होती है लेकिन नीलामी लेने वाले ठेकेदार केवल वसूली तक सीमित रहते हैं। सफाई और व्यवस्था की जिम्मेदारी को लेकर न तो ठेकेदार स्पष्टता दिखाते हैं और न ही ग्राम पंचायत सक्रिय नजर आती है। बाजार नीलामी के समय सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी लेने की बात कही जाती है लेकिन बाद में हालात जस के तस बने रहते हैं। कई बार ज्ञापन सौंपकर मुर्गा मछली की दुकानों को व्यवस्थित करने और मेन रोड से हटाने की मांग की गई परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मेन रोड पर संचालित मुर्गा दुकानों के सामने सैकड़ों की संख्या में वाहन खड़े हो जाते हैं जिससे यातायात बाधित होता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह गंभीर विषय है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अनदेखी की जा रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि सामाजिक असुविधा और सुरक्षा जोखिम के बावजूद जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि राज्य सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी सामाजिक लोगों की तकलीफ को देखते हुए मेन रोड से मुर्गा-मछली की दुकानों को हटाने के निर्देश दिए थे तथा कलेक्टर को इस विषय में विशेष कार्रवाई करने कहा गया था। इसके बावजूद आज तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही आम बाजार और मेन रोड की दुकानों को व्यवस्थित नहीं किया गया तथा साफ सफाई की स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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