मानसून की विदाई से पहले जिले में 2733.6 मिमी बारिश, अभी भी औसत से 8.3 फीसदी कम

खैरागढ़। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की गतिविधियां 19 सितंबर से शुरू होने की संभावना के बीच खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 2733.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह जिले की पिछले दस वर्षों की औसत वर्षा 2980 मिमी का 91.7 प्रतिशत है। यानी जिले में अब तक औसत की तुलना में करीब 8.3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों में जिले में अंधड़ के साथ हल्की बारिश होने के आसार जताए हैं। जिला भू-अभिलेख शाखा की 16 सितंबर 2026 को जारी तहसीलवार दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से 16 सितंबर तक खैरागढ़ में 641.1 मिमी, छुईखदान में 609.1 मिमी, गंडई में 646.4 मिमी और सल्हेवारा में 837 मिमी बारिश हुई है। दस वर्षों के औसत से तुलना करें तो खैरागढ़ में 81 प्रतिशत, छुईखदान में 85.7 प्रतिशत, गंडई में 91.5 प्रतिशत और सल्हेवारा में 108.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। 16 सितंबर को जिले की किसी भी तहसील में बारिश दर्ज नहीं हुई।साल्हेवारा में औसत से अधिक बारिशतहसीलवार आंकड़ों में सल्हेवारा एकमात्र तहसील है जहां इस सीजन में दस वर्षों के औसत से अधिक बारिश हुई है। यहां औसत 772.4 मिमी की तुलना में 837 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत खैरागढ़ में औसत 791.5 मिमी, छुईखदान में 710.9 मिमी और गंडई में 706.5 मिमी की तुलना में बारिश कम रही है। इससे जिले में वर्षा का वितरण भी असमान रहा है।

जिले की कुल औसत वार्षिक वर्षा 1055.6 मिमी है। सामान्य तौर पर मानसून की वापसी सितंबर के बाद की अवधि में होती है लेकिन इस बार सितंबर के तीसरे सप्ताह से ही मानसून की वापसी की गतिविधियां शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जिले का वर्षा घाटा बना रह सकता है।इस सीजन में बारिश का वितरण भी पूरी तरह नियमित नहीं रहा। कई अवधि में बारिश का लंबा अंतराल रहा जबकि कुछ दिनों में कम समय में तेज बारिश हुई। इससे कुल वर्षा के आंकड़े में सुधार तो हुआ लेकिन बारिश के असमान वितरण का असर खेतों, जलस्रोतों और भूजल रिचार्ज पर भी पड़ सकता है।

जलाशयों के कैचमेंट में भी असमान बारिश

जिले के जलाशयों और उनके कैचमेंट क्षेत्रों में भी बारिश का असर समान नहीं रहा। बारिश के कमजोर दौर के कारण कई जलाशयों में पानी की आवक सीमित रही वहीं तेज बारिश के दौरान जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। आगामी दिनों में होने वाली बारिश जलाशयों के जलभराव और रबी सीजन के लिए उपलब्ध पानी की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिनों में अंधड़ के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मानसून की वापसी की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। ऐसे में जिले के वर्षा आंकड़ों में अब सीमित बदलाव की ही गुंजाइश बची है।

Exit mobile version