मानसून की दस्तक से मौसम हुआ खुशगवार, लेकिन उमस और बिजली संकट ने बढ़ाई परेशानी

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। 18 और 19 जून को खैरागढ़ जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। हालांकि बारिश थमने के बाद बढ़ी उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है वहीं इस बीच पहली ही बारिश और तेज हवाओं ने विद्युत विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून पूर्व रखरखाव के दावों के बावजूद कई क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही जिससे लोगों को गर्मी और अंधेरे दोनों का सामना करना पड़ा। गुरुवार 18 जून और शुक्रवार 19 जून की शाम-शाम को हुई बारिश ने जहां खेत-खलिहानों में रौनक बढ़ा दी है वहीं खैरागढ़ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का मिजाज भी बदल दिया। दोनों दिनों में लगभग एक-एक घंटे तक हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत महसूस की लेकिन बारिश बंद होते ही वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार 19 जून को शाम करीब 6 बजे शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं के बाद जिला मुख्यालय की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई इलाकों में रात लगभग 8 बजे तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही जबकि कुछ स्थानों पर बिजली बार-बार गुल होती रही। बिजली बंद रहने से लोगों को उमस भरे मौसम में काफी परेशानी उठानी पड़ी।

मानसून से पहले विद्युत विभाग द्वारा हर वर्ष प्री-मानसून मेंटेनेंस कार्य किए जाने का दावा किया जाता है। इसके तहत लाइनों की जांच, पेड़ों की छंटाई और उपकरणों की मरम्मत जैसे कार्य किए जाते हैं ताकि बारिश के मौसम में आपूर्ति प्रभावित न हो लेकिन मानसून की शुरुआती बारिश में ही बिजली व्यवस्था का लड़खड़ाना विभाग की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। जानकारों की माने तो यदि हल्की बारिश और सामान्य अंधड में ही बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित हो रही है तो आगामी दिनों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जिला मुख्यालय के साथ-साथ आसपास के कई गांवों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है और इन इलाकों में समस्या कहीं अधिक गंभीर है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लंबे समय तक बिजली बंद रहने की शिकायतें सामने आ रही है। इससे पेयजल व्यवस्था और दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे है।

मानसून की शुरुआती बारिश ने किसानों और आम नागरिकों को गर्मी से राहत दी है तथा खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है लेकिन इसी के साथ बिजली व्यवस्था की कमजोरियां भी उजागर हुई हैं। लोगों का मानना है कि मानसून के अगले दौर से पहले विद्युत विभाग को अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर जरूरी सुधार करने चाहिए ताकि बारिश के मौसम में उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

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