भाजपा ने मनाया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, रेडक्लिफ रेखा के दंश को किया याद

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को जिला भाजपा कार्यालय में स्मृति सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों की पीड़ा को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे ने कहा कि विभाजन के दौरान देश ने जिस भयावह, पीड़ा और त्रासदी का सामना किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लाखों निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ी जबकि बड़ी संख्या में परिवारों को रातों-रात अपने घर और जमीन छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। स्मृति दिवस उस दौर की यातनाओं को याद करने और भावी पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराने का अवसर है। भाजपा के जिला केसीजी प्रभारी नलिनीश ठोकने ने कहा कि 14 अगस्त का दिन उन लोगों के संघर्षों और पीड़ा को याद करने का अवसर है जिन्होंने विभाजन का दंश झेला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे नई पीढ़ी को विभाजन के दौरान हुई घटनाओं और उसके मानवीय पक्ष की जानकारी मिलती है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने विभाजन के दौरान खींची गई रेडक्लिफ सीमा रेखा का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमा निर्धारण की प्रक्रिया ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण बड़े पैमाने पर हिंसा और विस्थापन हुआ तथा असंख्य परिवारों को अपनों से बिछड़ना पड़ा। उन्होंने विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने विभाजन विभीषिका के विभिन्न पहलुओं और उसके दूरगामी ऐतिहासिक प्रभाव पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नवनीत जैन ने किया वहीं आभार प्रदर्शन पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष घम्मन साहू ने किया। इस दौरान टीके चंदेल, शशांक ताम्रकार, खम्हन ताम्रकार, देवकुमार सेन, दिनेश वर्मा, राकेश ठाकुर, भोज बंजारे, आनंद सिन्हा, पंकज सिंह, अरुणा बनाफर, रेखा गुप्ता, किरण गुप्ता, कीर्ति वर्मा, अनीश सिंह, चंद्रशेखर यादव, विकेश गुप्ता, विनय देवांगन, राजकुमार जंघेल, गिरजा चंद्राकर, नीलिमा गोस्वामी, प्रीति यादव, जंत्री साहू, वंदना टांडेकर, श्यामसुंदर साहू, हेमू साहू, नंद चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, बलराम जंघेल, दीनदयाल सिन्हा, नीलम राजपूत, डॉ. राजेश्री त्रिपाठी, अशोक पाल, विजय मैथिल क्षत्रिय और डॉ. चंदू वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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