भाजपा धार्मिक आस्था का राजनीतिक उपयोग बंद करे- डॉ.भारद्वाज

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। शहर कांग्रेस कमेटी खैरागढ़ के तेजतर्रार और संवेदनशील अध्यक्ष डॉ.अरुण भारद्वाज ने धार्मिक आस्था और देवी-देवताओं के राजनीतिक उपयोग पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान करोड़ों हिंदुओं की आस्था, विश्वास और श्रद्धा के केंद्र हैं। उन्हें किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार या चुनावी मंच का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
जारी बयान में डॉ.भारद्वाज ने कहा कि हाल ही में लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के दौरान प्रभु हनुमान के स्वरूप के हाथ में भाजपा का झंडा देकर मंचीय प्रस्तुति कराई गई जिसने अनेक लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार राजनीतिक उपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक मर्यादाओं, दोनों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदा प्रकरण और करोड़ों रुपयों की चोरी पर देश आज भी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहा है। ऐसे समय में धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर प्रदर्शन कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि यदि इसी प्रकार का कृत्य कोई अन्य राजनीतिक दल करता तो क्या भाजपा और उसके समर्थक मौन रहते? क्या तब धार्मिक भावनाओं के सम्मान का मुद्दा नहीं उठाया जाता? डॉ.अरुण भारद्वाज ने कहा कि सनातन धर्म किसी एक राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान किसी दल विशेष के प्रचारक नहीं बल्कि पूरे समाज की आस्था के प्रतीक हैं। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को धार्मिक प्रतीकों के सम्मान का ध्यान रखते हुए उन्हें चुनावी या राजनीतिक प्रचार से दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों और सभी आस्थाओं का सम्मान करती है तथा मानती है कि धर्म का उद्देश्य समाज को जोड़ना है न कि राजनीतिक लाभ प्राप्त करना। उन्होंने भाजपा से धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर उपयोग बंद करने की अपील की है। अंत में डॉ.भारद्वाज ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता ही करती है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए आस्था का सम्मान करना चाहिए और उसका राजनीतिक उपयोग नहीं करना चाहिये।

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