
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। विकासखंड के ग्राम बढ़ईटोला में आबादी क्षेत्र के बेहद करीब संचालित किए जा रहे कथित अवैध ईंट भट्ठे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर एवं एसडीएम खैरागढ़ के नाम ज्ञापन सौंपकर भट्ठे के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की बस्ती से महज तीन मीटर दूरी पर लाल ईंट भट्ठा संचालित किया जा रहा है जबकि इसके लिए आवश्यक अनुमति और पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भट्ठे से निकलने वाला धुआं राख और धूल आसपास के घरों तक पहुंच रही है जिससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावीत हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार भट्ठे में लगातार जल रही आग का ताप आसपास स्थित मकानों तक महसूस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 50 मीटर के दायरे में लगभग 20 मकान खलिहान कोठार और पैरावट मौजूद हैं जिससे आगजनी या किसी अन्य दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ईंट भट्ठे को आबादी क्षेत्र से कम से कम 500 से 800 मीटर दूर स्थानांतरित किया जाए। इस मामले के सामने आने के बाद जिले में संचालित अन्य ईंट भट्ठों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सोनपुरी, घोटिया, दामरी, उदयपुर और साल्हेवारा समेत कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ साथ ग्रामीण जनजीवन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में जागेश्वर तिलक, तेजराम, टिकेंद्र, ज्ञानिक, देवनाथ, भोजराज वर्मा, रमेश, पप्पू, परमेश्वर, झन्नूलाल, लोकनाथ, संगीता वर्मा, वेदराम वर्मा और शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे जिले में संचालित ईंट भट्ठों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।