पर्यावरण संरक्षण की वैज्ञानिक सोच विकसित करेगी ‘हरित रसायन’ पुस्तक, छुईखदान में हुआ विमोचन

छुईखदान। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की अवधारणा को विद्यार्थियों की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में शासकीय वीरांगना अवंती बाई महाविद्यालय, छुईखदान में ‘हरित रसायन’ पुस्तक का समारोहपूर्वक विमोचन किया गया। महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में पदस्थ डॉ.समीक्षा ताम्रकार व सह लेखिका डॉ.रश्मि वर्मा एवं डॉ.सुनीता बी मैथ्यू द्वारा लिखित व अरविंदो सोसाइटी द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है।कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (स्किल एनहांसमेंट कोर्स) के अंतर्गत तैयार की गई यह पुस्तक बीए, बीएससी और बीकॉम तीनों संकायों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी। इसमें हरित रसायन की मूल अवधारणा, पर्यावरण अनुकूल रासायनिक प्रक्रियाओं, हानिकारक रसायनों के दुष्प्रभावों को कम करने तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं अध्ययनपरक ढंग से शामिल किया गया है।पुस्तक की विशेषता यह है कि विज्ञान से जुड़े हरित रसायन जैसे विषय को केवल विज्ञान संकाय तक सीमित न रखते हुए कला और वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए भी प्रासंगिक बनाया गया है। इसके अध्ययन से विद्यार्थी रासायनिक प्रक्रियाओं और पर्यावरण के बीच संबंधों को समझ सकेंगे साथ ही संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अपशिष्ट में कमी, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के महत्व से भी परिचित होंगे।वर्तमान दौर में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन जैसी चुनौतियों के बीच हरित रसायन की अवधारणा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह पुस्तक विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। यह पहल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा को वास्तविक जीवन की पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर पुस्तक की प्रमुख लेखिका डॉ.समीक्षा ताम्रकार की उपस्थिति में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.जयति बिस्वास सहित श्रीमती निरूपा वैष्णव (वाणिज्य), प्रेम प्रताप नेताम (इतिहास), विजय कुमार (वाणिज्य), डॉ.सबीना खुदाबख्श (भूगोल), डॉ.प्रेमलता पटेल (अर्थशास्त्र), पुष्पांजलि मिंज (अर्थशास्त्र), डॉ.नरेश साहू, डॉ.अखिलेश सेन, धन्नू लाल चन्द्रवंशी, अक्ष धनकर, पलटू राम साहू, लीलाराम दीवान गम, अभिषेक सिंह, योगेन्द्र श्रीवास एवं सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन जे.के. वैष्णव उपस्थित रहे।

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