आजादी के 79 साल बाद भी बुनियादी सुविधा से वंचित है ग्रामीण
जनसमस्या शिविरों में आवेदन के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान
बाजार अतरिया। आजादी के 79 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पंचायत भीमपुरी से उदयपुर को जोड़ने वाला तीन किलोमीटर से कम लंबाई का मार्ग लंबे समय से बदहाल है। बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ जमा होने से यह मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। इससे ग्रामीणों के साथ किसानों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण और सुधार की मांग को लेकर वे पिछले कई वर्षों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करा रहे हैं। जनपद पंचायत, जिला प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के साथ जनसमस्या निवारण और सुशासन शिविरों में भी आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।*बारिश में बढ़ जाती है लोगों की परेशानी*भीमपुरी-उदयपुर मार्ग ग्रामीणों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता होने के साथ खेतों तक पहुंचने का भी प्रमुख साधन है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वाहन कीचड़ में फंसने की स्थिति पैदा हो जाती है। मार्ग की बदहाल स्थिति से पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 से 20 वर्ष पहले इस मार्ग पर मुरुम और गिट्टी डालकर मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद सड़क का समुचित निर्माण या मजबूतीकरण नहीं होने से समय के साथ इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। वर्तमान में बारिश के दौरान कई हिस्सों में मार्ग की हालत बेहद खराब हो जाती है।
किसानों की लगातार बढ़ रही है परेशानी
सड़क की बदहाली का सीधा असर क्षेत्र के किसानों पर भी पड़ रहा है। खेती के मौसम में खाद, बीज, कृषि दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री खेतों तक पहुंचाने में दिक्कत होती है। बारिश के दौरान ट्रैक्टर और कृषि वाहनों के आवागमन में भी परेशानी बढ़ जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़क के कारण समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं तथा वाहन फंसने की स्थिति में अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ज्ञात हो कि भीमपुरी-उदयपुर मार्ग आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह मार्ग उदयपुर के साथ पूर्व विधायक स्वर्गीय देवव्रत सिंह के गांव तक पहुंचने के लिए भी उपयोगी है। इसके बावजूद वर्षों से सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन किलोमीटर से भी कम लंबाई के इस मार्ग के स्थायी निर्माण के लिए वर्षों से मांग की जा रही है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े करता है।
हर साल मरम्मत नहीं, बस स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग का स्थल निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का आकलन कराने और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण और मजबूतीकरण कराया जाए ताकि बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या से स्थायी रूप से राहत मिल सके। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क निर्माण की स्वीकृति दिलाकर कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिले में विकास कार्यों को गति देने के प्रयासों के बीच वर्षों पुरानी इस सड़क का स्थायी समाधान ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
