
लोक संगीत विभाग के आयोजन में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की गुरु वंदना, स्वागत एवं व्यंजन प्रतियोगिता
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के लोक संगीत विभाग में भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उनके जीवन शिक्षा दर्शन और शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए उनके प्रेरणादायी योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ. राजन यादव, विभाग के शिक्षकों एवं संगतकारों द्वारा सरस्वती पूजन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद बीपीए प्रथम सेमेस्टर एवं एमपीए के विद्यार्थियों ने गुरु वंदना प्रस्तुत की। तृतीय सेमेस्टर की छात्रा ललित साहू ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ. राजन यादव ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन विश्वविख्यात शिक्षाविद एवं दार्शनिक थे। वे धाराप्रवाह अंग्रेजी में अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्कृत के अनेक श्लोकों का प्रमाण के रूप में उल्लेख करते थे। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ स्वागत
कार्यक्रम के दूसरे चरण में बीपीए प्रथम सेमेस्टर एवं एमपीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का पुराने विद्यार्थियों द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद एवं परिचय का माहौल रहा।
व्यंजन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के तीसरे चरण में व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में धात्री और भुवनेश्वर ने प्रथम मनीषा तसौम्या और विद्या ने द्वितीय तथा मूलचंद तारिणी माधुरी और यशुकुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. दीपशिखा पटेल, डॉ. राजकुमार पटेल, डॉ. विद्या सिंह, डॉ. परमानंद पांडे, डॉ. बिहारी लाल ताराम, डॉ. नत्थू तोड़े, रामचंद्र सर्पे एवं आदित्य जैन की उल्लेखनीय भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन डेरहू प्रसाद बंजारे ने किया।