जेंडर समानता पर खैरागढ़ में मंथन, जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

खैरागढ़. जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के मैकाल सदन में शुक्रवार को जिला स्तरीय जेंडर कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जेंडर समानता, महिला अधिकारों एवं संवेदनशीलता से जुड़े विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला में लैंगिक भेदभाव की पहचान, महिलाओं के प्रति होने वाले उत्पीड़न की रोकथाम, कार्यस्थल पर समान अवसर सुनिश्चित करने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं बल्कि यह समाज के समग्र विकास से जुड़ा विषय है जिसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी पटेल ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिले। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए अधिकारियों एवं मैदानी अमले को जेंडर संवेदनशीलता को अपने कार्यों में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्यशाला में जेंडर बीआरपी सीएलएफ पदाधिकारी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के जिला एवं विकासखंड स्तर के स्टाफ तथा पीआरपी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। संवाद सत्र के दौरान राज्यपाल शिक्षक सम्मान से सम्मानित शिक्षक तुलेश्वर कुमार सेन ने वनांचल क्षेत्रों में अपने कार्यों एवं अनुभवों को साझा करते हुए जेंडर से जुड़ी जमीनी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत घर से ही होनी चाहिए, कथनी-करनी में समानता जरूरी है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सामाजिक समस्याओं के संदर्भ में घरेलू हिंसा, नशे की प्रवृत्ति एवं सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को भी रेखांकित किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान समय में बढ़ते जेंडर भेदभाव पर चिंता व्यक्त की।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को जेंडर समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प दिलाया गया। अंत में डीपीएम उमेश कुमार तिवारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला जिले में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आई है।

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