जिले में बालक कल्याण समिति ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया एक वर्ष का कार्यकाल

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) के गठन के पश्चात 20 जून 2024 को जिला बाल न्यायिक पीठ (बालक कल्याण समिति) की स्थापना की गई थी। बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति का गठन किया गया।समिति में अध्यक्ष के रूप में श्रीमती अर्चना जैन तथा सदस्य के रूप में श्रीमती तरुणा साहू, श्रीमती ज्योत्सना ठाकुर, प्रशांत अग्रवाल एवं श्रीमती पूनम वाल्दे कार्यरत हैं। अध्यक्ष सहित कुल पांच सदस्य अपनी प्रतिभा, अनुभव एवं कौशल के माध्यम से जिले के बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे समर्पित भाव से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। समिति द्वारा विगत एक वर्ष के दौरान कुल 73 प्रकरणों का पंजीयन किया गया है। इनमें गुमशुदगी, पॉक्सो, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (सीएनसीपी) से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ अन्य जिलों से स्थानांतरित मामले भी शामिल हैं। बालक कल्याण समिति ने बताया कि स्थापना के बाद से समिति बिना किसी बाधा के निरंतर एवं प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। इस दौरान गंडई, छुईखदान एवं खैरागढ़ थाना से प्राप्त सहयोग समिति के कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण रहा है। समिति ने जिले के बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके पुनर्वास एवं कल्याण के लिए भविष्य में भी इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया है।

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