उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर जोर
खैरागढ़। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के तत्वावधान में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पंचम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्थानीय युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की स्किल गैप असेसमेंट एवं फ्यूचर वर्कफोर्स मैपिंग रिपोर्ट के आधार पर नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने तथा उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साईं बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेंद्र श्रृंगारपुतले ने सीबीजी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें प्रतिदिन लगभग 600 टन जैविक कच्चे माल की आवश्यकता होती है। उन्होंने वेल्डिंग, रेडियोग्राफी, एनडीटी, माइक्रोबायोलॉजी तथा हार्वेस्टर एवं बेल मशीन के संचालन और रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई वहीं रिद्धि इंडस्ट्रीज के खूबचंद जैन ने युवाओं के लिए टैली, अकाउंटिंग, जीएसटी, मिलेट्स प्रसंस्करण एवं फायर सेफ्टी के प्रशिक्षण पर जोर दिया। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने युवाओं को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं आईटीआई के प्रतिनिधियों ने उद्योगों की मांग और युवाओं की रुचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम संचालित करने के सुझाव दिए। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रणय कुमार बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा सकता है। उन्होंने जालबांधा के समीप गेल इंडिया द्वारा स्थापित की जा रही लिक्विड यूरिया उत्पादन इकाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे निर्माण श्रमिकों, बुलडोजर ऑपरेटरों एवं तकनीशियनों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। बैठक के समापन पर अकाउंटिंग, टैली एवं जीएसटी, कृषि उपकरण संचालन एवं रखरखाव, फायर सेफ्टी तकनीशियन तथा वेल्डर सह एनडीटी जैसे प्रशिक्षणों को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। साथ ही उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार से जोड़ने के लिए विभागों और औद्योगिक संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया।बैठक में जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक राज तिवारी, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रतिनिधि तथा स्थानीय उद्योगों के उद्यमी उपस्थित रहे।
