
बड़ी आबादी से घिरे क्षेत्र के 107 पंचायतों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 107 पंचायतों और नगर पंचायत क्षेत्र की बड़ी आबादी को सेवा देने वाले इस अस्पताल में वर्तमान में एक भी महिला चिकित्सक पदस्थ नहीं है जिससे खासतौर पर महिला मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों से इलाज के लिए आने वाली महिलाओं विशेषकर गर्भवती मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है जिससे समय के साथ साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आशीष शर्मा ने बताया कि महिला डॉक्टर की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है और नियुक्ति प्रक्रिया वहीं से पूरी होगी वहीं बीएमओ डॉ.मनीष बघेल के अनुसार बॉन्ड पर नियुक्त महिला डॉक्टर का कार्यकाल फरवरी में समाप्त हो चुका है और नई पदस्थापना का इंतजार किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने यह भी स्वीकार किया है कि अर्चना रात्रे नाम की चिकित्सक यहां पदस्थ होने के बावजूद पिछले डेढ़ वर्ष से अनुपस्थित हैं। इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामला अब राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जानकारी मिलने के बाद वे संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान की दिशा में प्रयास करेंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष नम्रता गिरिराज किशोर दास वैष्णव ने भी समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि महिला डॉक्टर की कमी दूर करने के लिए अधिकारियों से चर्चा की जाएगी वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष आयश सिंह ने भी प्रशासन से संवाद कर आवश्यक पहल करने की बात कही है। फिलहाल क्षेत्र के लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन कब तक नई महिला डॉक्टर की नियुक्ति करता है और लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का समाधान कब तक निकल पाता है।