खैरागढ़ पुलिस ने किया नाबालिग बालिका की हत्या का सनसनीखेज खुलासा

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खैरागढ़ पुलिस ने नाबालिग बालिका की हत्या के सनसनीखेज मामले का महज 12 घंटे में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्र वार्ता में मीडिया को बताया गया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गहन पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया। बताया गया कि खैरागढ़ के पिपरिया में आयोजित एक शादी समारोह से नाबालिग बालिका अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की और अलग-अलग टीमों का गठन किया। मामले की शुरुआत 29 मार्च 2026 को हुई जब ग्राम चिचोला निवासी शैलेन्द्र वर्मा ने थाना खैरागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग बेटी 28 मार्च की रात ग्राम पिपरिया में पारिवारिक विवाह समारोह से अचानक लापता हो गई है। परिजनों द्वारा खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका जताई गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान संदेह के आधार पर मुख्य आरोपी मोहन वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका नाबालिग बालिका से लगभग एक वर्ष से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने थे। बालिका द्वारा साथ रहने का दबाव बनाए जाने और आरोपी द्वारा मना करने पर आत्महत्या की धमकी देने से आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली। दोस्तों के साथ मिलकर रची साजिश आरोपी ने अपने दोस्त हरीश वर्मा को योजना में शामिल किया। 28 मार्च की रात आरोपी अपने एक विधि से संघर्षरत साथी के साथ मोटर साइकिल से पिपरिया पहुंचे और बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। रास्ते में पहचान छिपाने के लिए उसके कपड़े बदलवाए गए तथा मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया गया।

तीनों आरोपी बालिका को लेकर डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे और बिलासपुर के लिए वैनगंगा एक्सप्रेस में सवार हुए। सीट नहीं मिलने पर सभी दरवाजे के पास बैठे रहे। बिलासपुर पहुंचने से पहले उतरने को लेकर विवाद हुआ और मस्तुरी थाना क्षेत्र के जयरामनगर स्टेशन के आगे आरोपियों ने बालिका को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी अकलतरा स्टेशन पर उतरकर दूसरी ट्रेन से डोंगरगढ़ लौट आए और बाद में सारंगपुर मोड़ के पास बालिका के कपड़ों को जला दिया।

जयरामनगर और गतौरा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पास बालिका का शव मिलने के बाद थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। डोंगरगढ़, अकलतरा और खैरागढ़ के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों और बालिका को साथ देखा गया, जिससे पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हुई।

पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 1 अप्रैल 2026 को मोहन वर्मा और हरीश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया वहीं विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।

इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना खैरागढ़, साइबर सेल खैरागढ़ तथा मस्तुरी (बिलासपुर) पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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