एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन जरूरी, तभी मिलेगा योजनाओं और एमएसपी का लाभ

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले के किसानों को अब कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही जिन किसानों के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि या बदलाव है उन्हें समय रहते संशोधन भी कराना होगा। यह पूरी प्रक्रिया सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ सीजन 2026 में धान की जगह वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले पात्र किसानों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा दलहन तिलहन मक्का कोदो कुटकी रागी और कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का लाभ केवल पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा। इसके अलावा पोर्टल में पंजीयन और आवश्यक संशोधन कराने वाले किसानों की दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने अरहर का एमएसपी 8,450 रुपये, उड़द 7,800 रुपये, मूंग 8,780 रुपये तथा सोयाबीन 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। विभाग ने बताया कि एकीकृत किसान पोर्टल से जुड़ने पर किसानों को कृषक उन्नति योजना प्रधानमंत्री अन्नदाता संरक्षण अभियान बीज उत्पादन कार्यक्रम सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी संबंधित सेवा सहकारी समिति में पहुंचकर निर्धारित समय के भीतर पंजीयन एवं संशोधन की प्रक्रिया पूरी करें ताकि वे शासन की योजनाओं और समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय का पूरा लाभ प्राप्त कर सकें।

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