
जिला मुख्यालय के रावण भाटा में होगा धरना प्रदर्शन
9 मार्च को रायपुर में करेंगे विधानसभा का घेराव
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने 26 और 27 फरवरी को प्रदेश के 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में कामबंद हड़ताल की घोषणा की है। इस दौरान सभी 33 जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया गया है। मंच ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 9 मार्च को राजधानी रायपुर में विशाल प्रांतीय धरना और विधानसभा घेराव किया जाएगा। संयुक्त मंच का आरोप है कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है। हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट से मानदेय वृद्धि की उम्मीद थी लेकिन कोई घोषणा नहीं की गई। मंच के अनुसार एक लाख से अधिक कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। वर्तमान में सहायिकाओं को 2,250 रुपये तथा कार्यकर्ताओं को 4,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा और पर्याप्त अवकाश जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। संयुक्त मंच ने बताया कि कार्यकर्ताओं पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सर्वेक्षण और अन्य विभागीय दायित्वों का अतिरिक्त बोझ डाला जाता है। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई से भी असंतोष व्याप्त है। मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, कार्यकर्ता को 26,000 रुपये एवं सहायिका को 22,100 रुपये प्रतिमाह वेतन स्वीकृत करना तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी स्पष्ट नीति लागू करना शामिल है। संयुक्त मंच ने कहा है कि यह संघर्ष सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए है तथा सरकार द्वारा सकारात्मक पहल नहीं किए जाने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।